आयुष्मान भारत योजना 2018



आयुष्मान भारत योजना
प्रकार                 : स्वास्थ्य बीमा
देश                    : भारत
मन्त्रालय             : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
प्रमुख लोग          : नरेन्द्र मोदी
शुरू                   : अप्रैल 1, 2018
बजट                  : २००० करोड़
वर्तमान स्थिति     : प्रस्तावित

आयुष्मान भारत योजना या मोदीकेयर, भारत सरकार की एक प्रस्तावित योजना हैं, जिसे 1 अप्रैल, 2018 को पूरे भारत मे लागू किया गया था। 2018 के बजट सत्र में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस योजना की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बीपीएल धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जायेगा। 10 करोड़ बीपीएल धारक इस योजना प्रत्यक्ष लाभ उठा सकेगें। इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है।
आयुष्मान भारत योजना, 2018 स्वास्थ्य क्षेत्र में दो महत्तवपूर्ण पहलों की घोषणा 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रो के लिए 1200 करोड़ रुपये का आवंटन 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना  सरकार ने आयुष्मान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य के क्षेत्र में दो महत्तवपूर्ण पहलों की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों से समग्र रूप से निपटना हैं। इसके तहत प्राथमिक, द्वितीय और तृतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। ये पहल निम्न हैं-

स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र– राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की नींव के रूप में स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों की परिकल्पना की गई है। ये 1.5 लाख केंद्र स्वास्थ्य देखरेख प्रणाली को लोगों के घरों के पास लाएंगे। ये स्वास्थ्य केंद्र असंचारी रोगों और मातृत्व तथा बाल स्वास्थ्य सेवाओं सहित व्यापक स्वास्थ्य देखरेख उपलब्ध कराएंगे। ये केंद्र आवश्यक दवाईयाँ और नैदानिक सेवा भी मुफ्त उपलब्ध कराएंगे। इस महत्तवपर्ण कार्य के लिए 1200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इन केंद्रों को अपनाने के लिए सीएसआर और लोकोपकारी संस्थाओं के जरिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित किया गया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना– आयुष्मान भारत के तहत इन दुर्गामी पहलों के तहत 10 करोड़ से अधिक गरीब एवं कमजोर परिवारों (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) को दायरे में लाने के लिए एक फ्लेगशिप राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत द्वितीय और तृतीय देखरेख अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार 5 लाख रूपये प्रति वर्ष तक का कवरेज प्रदान किया जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य देखरेख कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम के सूचारू कार्यान्वयन हेतु पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत ये दो स्वास्थ्य क्षेत्र की पहल नए भारत वर्ष 2022 का निर्माण करेंगी। और उनसे समबर्धित उत्पादकता, कल्याण में वृद्धि होगी और इनसे मजदूरी की हानी और दरिद्रता से बचा जा सकगा। इन योजनाओं से विशेष कर महिलाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर सृजित होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य देखरेख की पहुंच में वृद्धि करने के उद्देश्य से देश में मौजूदा जिला अस्पतालों को अपग्रेड करके 24 नए सरकारी चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना की जाएगी। इस कदम से सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक 3 संसदीय क्षेत्रों के लिए कम से कम एक चिकित्सा कॉलेज और देश के प्रत्येक राज्य में कम से कम एक सरकारी चिकित्सा कॉलेज उपलब्ध हो।

50 करोड़ से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित


  • आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ( Ayushman Bharat National Health Protection Mission (ABNHPM) का लाभ देश के 11.74 करोड परिवारों को देने का लक्ष्य रखा गया है। हर परिवार में 5 सदस्यों का औसत माना जाए तो देश की 50 करोड़ से ज्यादा की आबादी इसके दायरे में आती है।
  • इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सुविधाहीन परिवारों (deprived rural families) और शहरी क्षेत्रों के भी कुछ तय पेशों में लगे परिवार (Identified occupational category of urban workers’ families) शामिल किए जाएंगे।
  • दोनों ही श्रेणियों में लाभार्थी परिवारों को तय करने के लिए नवीनतम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (Socio-Economic Caste Census (SECC)) के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
  • SECC data के बाद हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए ऐसे सुविधाहीन या छोटे पेशों में लगे परिवारों को शामिल करने (inclusion) या बाहर करने (exclusion) के विकल्प रखे जाएंगे।
  • देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (States/UTs) के सभी जिलों में में रहने वाले लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। धीरे-धीरे इसे सभी वर्गों तक पहुंचाने की कोशिश होगी।
हर परिवार को मिलेगा 5 लाख सालाना बीमा


  • ”राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत आने वाले हर परिवार को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा (health insurance) कराया जाएगा। इस बीमा कवर से आप छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।
  • परिवार चाहे जितना बड़ा हो, उसके हर सदस्य को ”राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत लाभ मिलेगा। महिला-पुरुष, बच्चे-बूढे सब इस योजना के लाभार्थी हो सकते है। उम्र की भी कोई सीमा नहीं है।
  • अस्पताल में भर्ती होने के पहले के स्वास्थ्य संबंधी खर्चे (pre hospitalisation expenses) और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्चे (post-hospitalisation expenses) भी इसमें शामिल होंगे।
  • पॉलिसी लेने के पहले दिन से ही ये सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आने जाने का भत्ता (निर्धारित दर पर परिवहन भत्ता-transport allowance) भी दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले निम्नलिखित प्रकार के परिवार, भी इस योजना में शामिल होंगे

  • बेघर व्यक्ति | households without shelter
  • निराश्रित व्यक्ति | destitute
  • भिक्षा मांगकर आजीविका चलाने वाला | living on alms
  • साफ सफाई करने वाले परिवार | manual scavenger families
  • आदिम जनजातीय परिवार | primitive tribal groups
  • बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए व्यक्ति legally released bonded labour.

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